Monday, October 27, 2014

Indian History and the British

During first National parliamentary committee, all the Nationalists of India including Dr Ambedkar supported the Idea of making "Sanskrit" as the National Language of India, which was the mother of all the Indic and as well as most of foreign languages.

But, the resolution was stopped and pushed out by Pseudo-British Indian National Congress.. present day UPA Govt!!!
British main Objective was to disconnect present day India, to its glorious Ancient past and the best way to do was to destroy the backbone of Hindu Vedic Civilization i.e. Sanskrit.

British then introduced and pushed their language English on Indians and highjacked the Indian education system. 
They also misinterpret the ancient Indian scriptures like, Bhagwata Gita, Ramayana, Mahabharata, Vedas and others... and distorted them such that, Indians should think that they are always been an Inferior civilization, and 
they also changed the flexible Varna System (Action and Duty based) to Rigid Caste System (tied to Birth) via social policies, governance and laws.

We have been taught that, problem of India is India itself and that Indian-ness must be changed for India to rise... but, the Britishers and our own Marxist and Islamist historians will NEVER tell you about the Ancient India and its Glorious past.

Recent studies have shown and documented (World Economy History, by Angus Madisson.. do some research on internet) that, from 1 AD till 1500 AD, India was the leading #1 economic power of the world and China was the #2, holding 55% of world GDP(combined).
During 17th Century, China becomes the #1 and India #2, but still these two countries were holding more than 55% of world GDP.

Again in 18th century, India surpassed China to become #1, holding 22% of world's GDP(India only).
It was during and after 1820, Indian GDP started to fall rapidly and till 1990, Indian GDP fell to 1.2% of world's share. Britishers looted and destroyed entire Indian civilization with in 100 years.

Now, for every sane and morally correct Indian, only "AN ENEMY" of our own Indian (Hindu) Civilization will say that, India and Indian culture is the problem and the cure is western or arabic culture...

We must IDENTIFY these enemies in Media, Government, Society, Intellectuals, etc..


We Hindus and Hindu Atheists (Ignorant secular), must try to learn and find out our own ROOTS and Civilization and we all must be ready to get up and fight for its protection and its very own survival or I should say its REVIVAL

Tuesday, October 7, 2014

New Language policy of India

Decolonising the Mind

Extract from a Decolonising the Mind by Kenyan writer  Ngugi Wa Thiong'O  

How the British punished children for speaking in their own tongue in and around colonial schools as is happening in Indian Convent schools even today. How english was spread in the colonies.
  

Decolonising the Mind

Monday, October 6, 2014

Indian Education System and Gurulkul

Please read this comparing English from 1390 and so called Modern English

       
 Middle English: 1390
Of hem that writen ous tofore
The bokes duelle, and we therfore
Ben tawht of that was write tho:
Forthi good is that we also
In oure tyme among ous hiere
Do wryte of newe som matiere,
Essampled of these olde wyse
So that it myhte in such a wyse,
Whan we ben dede and elleswhere,
Beleve to the worldes eer
(Modern) English 1800
Of those who wrote before our lives
Their precious legacy survives;
From what was written then, we learn,
And so it’s well that we in turn,
In our allotted time on earth
Do write anew some things of worth,
Like those we from these sages cite,
So that such in like manner might,
When we have left this mortal sphere,
Remain for all the world to hear
  • Sanskrit language unchanged for 6000 years hence know as language of God who is unchanging and eternal
  • श्री   गुरुस्तोत्रम् - गुरुर्ब्रह्मा   गुरुर्विष्णुर्गुरुर्देवो   महेश्वरः
    (I salute Sri Gurudeva, who is Brahma, Vishnu, Shiva and verily the Supreme Brahman.)
  • Kayena Vaca Manasendriyairva
    कायेन   वाचा   मनसेन्द्रियैर्वा
    (Whatever actions I perform, by body, mind, senses or intellect, I offer all to the Guru.)
  • Om Namah Shivaye Gurave
    ॐ   नमः   शिवाय   गुरवे
    (I salute Sri Gurudeva, who is the embodiment of Sat-Cit-Ananda, Who is the self-effulgent divine illumination without external support.)

English language it has no logical foundation (spelling grammer) it is followed on a whim, the Americans decided on their Independence to created their own improved version not based on logic.  We know sanskrit has not changed in 1000's of years has a logical foundation in all its aspects and was studied in the same manner as Math.  the current Indian Education system which has the same problems as the language, inherited from Empire. Schools were started by the Christian Victorian British and transplanted into their Indian Empire. They are an extension of Sunday school at Church, all children to sit in pews and listen to a lecture from the teacher (priest). GURUKUL system imparted values and knowledge (Gynan became to Know) to the MIND and should be encouraged. I a child of British empire cannot read write my own language Gujarati /Sanskrit and i want OUT ASAP.  As you see from above English will keep changing and is a difficult medium in which to make sence of the world. Indians are expected to learn two languages in order to gain a profession thus destroying thier culture and soul in the process.

Monday, September 29, 2014

HINDU PHOBIC ANTI NATIONAL FORCES IN INIDA

This video provides information for Indians on the Anti National forces at work in India. It lists individuals knowingly or unknowingly  being funded by various countries and organisations from abroad, they include PAKISTAN ISI CIA US VATICAN CHINA.


HINDU PHOBIC ANTI NATIONAL FORCES OF INDIA


Tuesday, August 26, 2014

ये पोस्ट लम्बा है लेकिन मेरा दवा है कि ऐक बार पढना शुरू करोगे तो पुरा पढोगे.

ये पोस्ट लम्बा है लेकिन मेरा दवा है कि ऐक बार पढना  शुरू करोगे तो पुरा पढोगे... 
1378 मेँ भारत से एक हिस्सा अलग हुआइस्लामिक राष्ट्र बना - नाम है इरान! 
1761 मेँ भारत से एक हिस्सा अलग हुआइस्लामिक राष्ट्र बना - नाम है अफगानिस्तान! 
1947 मेँ भारत से एक हिस्सा अलग हुआइस्लामिक राष्ट्र बना - नाम है पाकिस्तान! 
1971 मेँ भारत से एक हिस्सा अलग हुआइस्लामिक राष्ट्र बना - नाम हैँ बांग्लादेश! 
1952 से 1990 के बीच भारत का एक राज्य इस्लामिक हो गया - नाम है कशमीर!...
और अब उत्तरप्रदेशआसाम और केरला इस्लामिक राज्य बनने की कगार पर है! और हम जब भी हिँदुओँ को जगाने की बात करते हैँसच्चाई बताते हैँ तो कुछ लोग हमेँ RSS, VHP और SHIV-SENA, BJP वाला कहकर पल्ला झाङ लेते हैँ! 
हाल की दो महत्वपूर्ण घटनाओ को देश ने जरूर देखा होगा --- 
( 1 ) उपराष्ट्रपति हमीद अंसारी ने अपने धर्म के महत्व को समझते हुए दशहरा उत्सव के दौरान आरती उतारने से मना कर दिया क्योकि इस्लाम मे ये करना "मना" है । 
( 2 ) टी॰वी॰ सीरियल बिग बॉस की एक प्रतियोगी गौहर खान ने दुर्गा पुजा करने से मना कर दिया और वो दूर खड़ी रहकर देखती रहीजबकि ये एक कार्य था जिसे करना सभी प्रतियोगी के लिए जरूरी था लेकिन गौहर खान ने इस कार्य को करने से साफ मना कर दिया क्योकि इस्लाम मे ये करना "मना" है ।  
मित्रो इन दोनों (हमीद अंसारी व गौहर खान) को मेरा साधुवाद क्योकि दोनों ने किसी कीमत पर भी अपने धर्म से समझौता नहीं कियाचाहे इसके लिए कितनी बड़ी कीमत भी क्यो न चुकनी पड़े । ये घटना उन तथाकथित "सेकुलर" हिन्दुओ के मुह पर जोरदार तमाचा है जो कहते फिरते है की कभी "टोपी" भी पहननी पड़ती है तो कभी "तिलक" भी लगाना पड़ता है इस घटना मे मीडिया का मौन रहना सबसे
ज्यादा अचरज का विषय है क्योकि सबसे ज्यादा हाय तौबा यही मीडिया वाले मचाते रहे है जब नरेंद्र मोदी जी ने मुल्ला टोपी पहनने से इनकार कर दिया था। उदाहरण लेना है तो मुस्लिम समुदाय के लोगो से सीखो जो अपने धर्म के लिए बड़ी से बड़ी कीमत चुकाने को तैयार रहते हैपर अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं कर सकते । वही हमारे हिन्दू लोग "कायरता" का दूसरा रूप "सेकुलर" होने का झूठा दिखावा करने से बाज नहीं आते । इस को गौर से एक बार पढ़ लो,  अमल करो मत करो आप लोगो की  मर्जी,,,,
मैंने 10 लोगो को जो की हिन्दू है उनसे पुछा. . . 
किस जाती के हो.....?? सभी ने अलग अलग जवाब दिया.... 
किसी ने कहा राजपूत
किसी ने कहा बामण
किसी ने कहा जाट सब अलग अलग
किसी ने जैन तो किसी ने अग्रवाल....  
लेकीन मैने 10 मुसलमानो को पूछा की कौन सी जाती के हो ?सभी का एक जवाब आया  
"मुसलमान" मूझे अजीब लगा मैने फिर से पूछा फिर वही जवाब आया 
"मुसलमान" 
तब मुझे बड़ा अफसोस हुआ और लगा हम कीतने अलग और वो कितने एक. 
कुछ समझ मै आया होतो  आगे से कोई पूछे तो एक ही जवाब आना चाहीये  
॥ हिन्दू ॥ 
और गर्व करते हो  " हिन्दू " होने का तो इस  मैसेज को इतना फैला दो यह मैसेज मूझे वापस किसी हिन्दू से ही मिले .....!

  
पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट में एक मुस्लिम भाई ने जनहित याचिका डाली थी  कि पडोसी मुल्क में हज करने के लिए सब्सिडी मिलती है तो हमें भी मिलनी चाहिए. पाकिस्तान कोर्ट ने जनहित याचिका रिजेक्ट करते हुये कहा कि कुरान और हदीसे के हिसाब से हज पसीने की कमाई से करना पड़ता है ! दूसरों की कमाई से नहीं ! सब्सिडी इस्लाम के खिलाफ है ! 

पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के हिसाब से भारतीय मुसलमानों को मिल रही सब्सिडी हराम है क्या नेता इस पर कुछ टिप्पणी देंगे ?..
अजीब कानून है भैयागाय का चारा खाया तो जेल भेज दिया और जो गाय को खा रहा है उसको हज के लिए भेजते हो ..  
ये जो नीचे लिखा है वो कोई मज़ाक नहीं है,  कल ये आपके सहर में भी हो सकता हैअगर ये अमेरिका, जापान या फिर चाइना में हुवा होता तो इन शांति प्रिय मजहब वालों को काट कर गटर में फेंक देते.
कुछ दिन पहले NDTV के रवीश कुमार ने RSS के सिन्हा सर से तल्ख़ मुद्रा में पूछा था कि अगर देश में मुस्लिम ज्यादा हो जायेंगें तो कौन सा पहाड़ टूट पड़ेगा ???
इसका एक प्रायोगिक उत्तर कल के एक वाकये ने दिया मुस्लिम बाहुल्य "काश्मीर विश्वविद्यालय" में एक फिल्म "हैदर" की शूटिंग चल रही थी उसके एक दृश्य के फिल्मांकन के लिए तिरंगा झंडा लगाया गया और कलाकारों को जय हिंद बोलना पड़ाइतना होना था कि विश्वविद्यालय के छात्र उस यूनिट पर टूट पड़े फिल्म का सेट तोड़ दिया गया|काफी जद्दोजहद के बाद फिल्म के कलाकारों को बाहर निकाला जा सकातिरंगे से उनकी नफरत और जय हिंद पर आपत्ति इस सबका कारण थी| पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया लेकिन कालेज प्रशासन के कहने पर छोड़ दिया गयध्यान रहे वो अनपढ़ लोग नहीं विश्वविद्यालय के छात्र थे !
एक सुन्दर संवाद :: एक बार ज़रूर पढ़ेँ बी. एससी. का छात्र,,,,  कॉलेज का पहला दिन ......(गले में बड़े बड़े रुद्राक्ष की माला)
प्रोफेसर :: बड़े पंडित दिखाई देते हो लेकिन कॉलेज में पढाई लिखाई पर ध्यान दो पूजा पाठ घर में ही ठीक है !!
(क्लास के सभी बच्चे ठहाका लगाते है)
छात्र:: (विनम्रता से) सर आप मेरे गुरु है और सम्माननीय भी इसलिए आपकी आज्ञा से ही कुछ कहना चाहूँग
(शिक्षक कहते है बोलो)....................
छात्र: सर जबऐसे छोटे कॉलेज छोडिये आई आई टी और मेडिकल कॉलेज तक में एक मुस्लिम छात्र दाढ़िया बढाकर या टोपी चढाकर जाते है और कितनी भी बड़ी लेक्चर हो क्लास छोड़कर namaz के लिए बाहर निकल जाते है तो शिक्षक को वो धर्मनिष्ठता लगता है जब क्रिस्चन छात्र गले में बड़े क्रौस लटकाकर घूमते है तो वो धर्मनिष्ठता है और ये उनके मजहब की बात हुई और आज आपके सामने इसी क्लास में कितने ही लड़कियों ने बुर्खा पहना है और कितने ही बच्चो ने जालि-टोपी चढा रखा है तो आपने उन्हें कुछ नहीं कहा तो आखिर मेरी गलती क्या है ???
क्या बस इतना की मै एक हिंदू हूँ ???
शिक्षक क्लास छोड़कर बाहर चला गया.
मिनट चैटिगँ छोडकर इस पोस्ट को जरूर पढेँ वर्ना सारी जिन्दगी चैट ही करते रह जाओगे
आँखो से पर्दा हटाओ दोस्तो और मशाल जलाओ । ज्यादा से ज्यादा लाइक शेयर करो मित्रो और ये पोस्ट पूरी whatsapp पर फैलानी है ।
मेरे दोस्त ये पोस्ट पूरी पढने के लिये धन्यवादखुब खुब अभार
वन्दे मातरम - जय हिन्द


Sudheer S. Mehta

Friday, July 25, 2014

Anti Hindu agenda cloaked as academic study funded by AHRC UK

Two European universities are being funded by AHRC UK to building a network of scholars to organise a series of workshops and conferences across the world to facilitate the study of dalit literature. 


AHRC UK have funded the following Dalit projects  http://goo.gl/QkVDWs

These types of projects will result in

1. Dividing Hindus as Dalits Vs non Dalits creating conflict

2. An attempt to introduce dalit literature (their version) into university syllabus

3.Glamorising "Unaccountability","Dalit", "Human Rights" words internationally to malign India's image..so that Hindus  feel inferior about own great culture and allows to  position their own interest (business/social,etc) 

4. Destroying true Indian history and re-writing world's history books & literature as per western interests

Most Importantly

5. 
Brainwashing young Indians with distorted history books/literatures, so that a complete confused generation will be created in future with Western Slave mentality!...This will maintain their Control/authority over the world even though their population is shrinking very fast.....Ultimately, enabling continued exploitation of the world's natural and human resources for western benefit.